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नसों की कमजोरी दूर करने के लिठरोज करें ये 4 योगासन, जानें फायदे और करने का तरीका
नसों की कमजोरी को दूर करने के लिठआप योग का सहारा ले सकते हैं। इसकी मदद से आपको काफी आराम मिलता है।
नसों की कमजोरी की वजह से हमारे शरीर का संतà¥à¤²à¤¨ पूरी तरह से बिगड़ सकता है। हमारे पूरे शरीर में नसों का जाल बिछा हà¥à¤† है। चलने, बोलने और काम करने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ नसों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही संचालित होती है लेकिन अगर आपकी नसों में कमजोरी या किसी अनà¥à¤¯ तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो इससे आप अपना दैनिक काम à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ से नहीं कर पाते हैं। कई लोगों को सीढियां चढ़ने और सीधे बैठने में à¤à¥€ परेशानी होती है। नसों की कमजोरी के कारण आपके शरीर की संरचना à¤à¥€ बिगड़ सकती है। इसलिठनसों की मजबूती और सही ढंग से काम करने के लिठआपको कà¥à¤› खास योगासन करने की जरूरत है। इसके लिठहम आपको à¤à¤¸à¥‡ योगासन बताने जा रहे हैं, जिससे आपकी नसों में होने वाली कमजोरी ठीक हो सकती है और आप अपने दैनिक और ऑफिस के काम à¤à¥€ बिना किसी रूकावट के कर सकते हैं।Â
नसों की कमजोरी दूर करने के लिठयोग
1. बदà¥à¤§à¤•ोणासन (Butterfly Pose)
इस योगासन में आप तितली की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में बैठकर अपने पैरों को हिलाते हैं। इस योगासन से आपको तनाव और कà¥à¤°à¥‹à¤§ कम करने में मदद मिलती है और पूरे शरीर में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ अचà¥à¤›à¥‡ से होता है, जिससे नसों में मजबूती आती है। रोजाना इसका अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने से कमर और कूलà¥à¤¹à¥‡ के नसों में आराम मिलता है और लचीलापन à¤à¥€ आता है। साथ ही इससे मासिक धरà¥à¤® की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने में à¤à¥€ मदद मिलती है।Â
बदà¥à¤§à¤•ोणासन करने का तरीका
1. पैरों को सीधा करके बैठजाà¤à¤‚।
2. अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ें और अपने पैरों के तलवों को साथ लाà¤à¤‚, आपके दोनों तलवे à¤à¤•-दूसरे से सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करना चाहिà¤à¥¤
3. अपनी à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को करीब लाà¤à¤‚, जिससेकि आपके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दबाव या दरà¥à¤¦ महसूस न हो।
4. अपनी दोनों हथेलियों से पैरों को पकड़ें।
5. दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को à¤à¤•साथ ऊपर की ओर ले जाà¤à¤‚ और फिर नीचे की ओर लाà¤à¤‚।
6. इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को आप 1 मिनट तक कर सकते हैं।
सावधानियां
1. घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में चोट होने पर इस आसन से बचें।
2. पीरियडà¥à¤¸ के दौरान इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से बचें।
3. साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इस योगासन को करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें।
2. वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ (Vajrasnas Pose)
वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ योगासन से पीठऔर निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ की नसों को मजबूत करने में मदद मिलती है। साथ ही इससे पेट की चरà¥à¤¬à¥€ और वजन कम करने में à¤à¥€ मदद मिलती है। इससे पैरों के पसलियों और नसों में à¤à¥€ आराम मिलता है। इस योगासन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ पीठऔर पैरों के हिसà¥à¤¸à¥‡ में आराम मिलता है।
वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ करने का तरीका
1. इस योगासन को करने के लिठघà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल जमीन पर खड़े हो जाà¤à¤‚।
2. इसके बाद अपने हिपà¥à¤¸ को à¤à¤¡à¤¼à¥€ पर रखकर बैठजाà¤à¤‚।
3. सिर को सीधा रखें और हाथों को अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर रखें।
4. अपनी आंखें बंद करके सांस लें और छोड़ें।
5. इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को आप 5-10 मिनट के लिठकर सकते हैं।
सावधानियां
1. अगर आपके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो आपको इस योगासन को करने से बचना चाहिà¤à¥¤
2. आंतों के अलà¥à¤¸à¤°, हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ या पेट संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾ में इसका अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ न करें।
3. रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में परेशानी होने पर à¤à¥€ इसके पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से बचें।
3. सà¥à¤ªà¥à¤¤ मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨
सà¥à¤ªà¥à¤¤ मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ की मदद से शरीर की नसों में खिंचाव आता है। साथ ही कई दरà¥à¤¦ और नसों के दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ इससे आराम मिलता है। इससे रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ à¤à¥€ मजबूत होती है। इससे बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ औप पेट की मांसपेशियों में à¤à¥€ आराम मिलता है।
सà¥à¤ªà¥à¤¤ मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ करने का तरीका
1. इस आसन को शरू करने के लिठसबसे पहले मैट बिछाकर लेट जाà¤à¤‚।
2. इसके बाद अपने दोनों हाथों को कंधे के समानांतर दोनों तरफ फैला लें।
3. फिर दाà¤à¤‚ पैर को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के पासे से मोड़ लें और उपर की ओर उठाà¤à¤‚।
4. दाà¤à¤‚ पैर को बाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ पर टिका लें।
5. इसके बाद सांस छोड़ते हà¥à¤, दाà¤à¤‚ कूलà¥à¤¹à¥‡ को उठाà¤à¤‚ और पीठके बाà¤à¤‚ तरफ मोड़ लें व दाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को नीचे की तरफ जाने दे और à¤à¤¸à¤¾ करते वकà¥à¤¤ दोनों हाथ जमीन पर ही रखें।
6. दाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¤¾ को पूरी तरह से शरीर के बाà¤à¤‚ तरफ टिका लें।
7. अब सिर को दाईं तरफ घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚।
8. इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में आप 30 से 60 सेकंड तक रहें और फिर सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाà¤à¤‚।
सावधानियां
1. यदि पीठदरà¥à¤¦, रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ होने पर इस योगासन को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से करें। हो सके तो टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤° की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ही करें।
2. यदि आपके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ या कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में चोट हो तो इस आसन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ न करें।
4. हलासन (Halasana pose)
हलासन योगासन की मदद से आपके शरीर की सà¤à¥€ नस-नाड़ियों का सही संचालन होता है। इससे दिमाग की नसों को à¤à¥€ आराम मिलता है और आप तनवामà¥à¤•à¥à¤¤ अनà¥à¤à¤µ करते हैं। इससे मेटाबॉलिजà¥à¤® बढ़ता है और शà¥à¤—र कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में à¤à¥€ मदद मिलती है।
हलासन करने के तरीके
1. योग मैट पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
2. अपने हाथों को शरीर के पास ले आà¤à¤‚। हथेलियां जमीन की तरफ रहेगी।
3. सांस à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचते हà¥à¤ पैरों को ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚।
4. पैर कमर से 90 डिगà¥à¤°à¥€ का कोण बनाà¤à¤‚गे। साथ ही इसका दबाव पेट की मांसपेशियों पर रहेगा।
5. टांगो को ऊपर उठाते हà¥à¤ अपने हाथों से कमर को सहारा दें।
6. सीधी टांगों को सिर की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और पेरों को सिर के पीछे ले जाà¤à¤‚।
7. पेरों के अंगूठे से जमीन को छà¥à¤à¤‚गे।
8. हाथों को कमर से हटाकर जमीन पर सीधा रख लें। हथेली नीचे की तरफ रहेगी।
9. इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¤• मिनट तक बने रहें और सांसों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करें सांस छोड़ते हà¥à¤, पैरों को वापस जमीन पर ले जाà¤à¤‚।
सावधानियां
1. अगर आपको डायरिया या गरà¥à¤¦à¤¨ में चोट की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो हलासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ न करें।
2. अगर बीपी या असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की परेशानी है तो इस आसन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ न करें।
3. शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इसे टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤° की देखरेख में करने की कोशश करें।
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